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يٰنِسَاۤءَ النَّبِيِّ مَنْ يَّأْتِ مِنْكُنَّ بِفَاحِشَةٍ مُّبَيِّنَةٍ يُّضٰعَفْ لَهَا الْعَذَابُ ضِعْفَيْنِۗ وَكَانَ ذٰلِكَ عَلَى اللّٰهِ يَسِيْرًا ۔  ( الأحزاب: ٣٠ )

O wives
يَٰنِسَآءَ
ऐ नबी की बीवियो
(of) the Prophet!
ٱلنَّبِىِّ
ऐ नबी की बीवियो
Whoever
مَن
जो कोई
commits
يَأْتِ
आएगी
from you
مِنكُنَّ
तुम में से
immorality
بِفَٰحِشَةٍ
बेहयाई को
clear
مُّبَيِّنَةٍ
खुली
will be doubled
يُضَٰعَفْ
बढ़ा दिया जाएगा
for her
لَهَا
उसके लिए
the punishment
ٱلْعَذَابُ
अज़ाब
two fold
ضِعْفَيْنِۚ
दोगुना
And that is
وَكَانَ
और है
And that is
ذَٰلِكَ
ये
for
عَلَى
अल्लाह पर
Allah
ٱللَّهِ
अल्लाह पर
easy
يَسِيرًا
बहुत आसान

Ya nisaa alnnabiyyi man yati minkunna bifahishatin mubayyinatin yuda'af laha al'athabu di'fayni wakana thalika 'ala Allahi yaseeran (al-ʾAḥzāb 33:30)

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

ऐ नबी की स्त्रियों! तुममें से जो कोई प्रत्यक्ष अनुचित कर्म करे तो उसके लिए दोहरी यातना होगी। और यह अल्लाह के लिए बहुत सरल है

English Sahih:

O wives of the Prophet, whoever of you should commit a clear immorality – for her the punishment would be doubled two fold, and ever is that, for Allah, easy. ([33] Al-Ahzab : 30)

1 Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

ऐ पैग़म्बर की बीबियों तुममें से जो कोई किसी सरीही ना शाइस्ता हरकत की का मुरतिब हुई तो (याद रहे कि) उसका अज़ाब भी दुगना बढ़ा दिया जाएगा और खुदा के वास्ते (निहायत) आसान है