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But say
وَقَالَ
और कहा
those who
ٱلَّذِينَ
उन लोगों ने जिन्होंने
disbelieve
كَفَرُوا۟
कुफ़्र किया
"Not
لَا
नहीं आएगी हम पर
will come to us
تَأْتِينَا
नहीं आएगी हम पर
the Hour"
ٱلسَّاعَةُۖ
क़यामत
Say
قُلْ
कह दीजिए
"Nay
بَلَىٰ
क्यों नहीं
by my Lord
وَرَبِّى
क़सम है मेरे रब की
surely it will come to you
لَتَأْتِيَنَّكُمْ
अलबत्ता वो ज़रूर आएगी तुम्हारे पास
(He is the) Knower
عَٰلِمِ
जानने वाला है
(of) the unseen"
ٱلْغَيْبِۖ
ग़ैब का
Not
لَا
नहीं छुपा हुआ
escapes
يَعْزُبُ
नहीं छुपा हुआ
from Him
عَنْهُ
उससे
(the) weight
مِثْقَالُ
बराबर
(of) an atom
ذَرَّةٍ
एक ज़र्रे के
in
فِى
आसमानों में
the heavens
ٱلسَّمَٰوَٰتِ
आसमानों में
and not
وَلَا
और ना
in
فِى
ज़मीन में
the earth
ٱلْأَرْضِ
ज़मीन में
and not
وَلَآ
और ना
smaller
أَصْغَرُ
छोटा
than
مِن
उससे
that
ذَٰلِكَ
उससे
and not
وَلَآ
और ना
greater
أَكْبَرُ
बड़ा
but
إِلَّا
मगर
(is) in
فِى
एक वाज़ेह किताब में है
a Record
كِتَٰبٍ
एक वाज़ेह किताब में है
Clear
مُّبِينٍ
एक वाज़ेह किताब में है

Waqala allatheena kafaroo la tateena alssa'atu qul bala warabbee latatiyannakum 'alimi alghaybi la ya'zubu 'anhu mithqalu tharratin fee alssamawati wala fee alardi wala asgharu min thalika wala akbaru illa fee kitabin mubeenin

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

जिन लोगों ने इनकार किया उनका कहना है कि 'हमपर क़ियामत की घड़ी नहीं आएगी।' कह दो, 'क्यों नहीं, मेरे परोक्ष ज्ञाता रब की क़सम! वह तो तुमपर आकर रहेगी - उससे कणभर भी कोई चीज़ न तो आकाशों में ओझल है और न धरती में, और न इससे छोटी कोई चीज़ और न बड़ी। किन्तु वह एक स्पष्ट किताब में अंकित है। -

English Sahih:

But those who disbelieve say, "The Hour will not come to us." Say, "Yes, by my Lord, it will surely come to you. [Allah is] the Knower of the unseen." Not absent from Him is an atom's weight within the heavens or within the earth or [what is] smaller than that or greater, except that it is in a clear register –

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

और कुफ्फार कहने लगे कि हम पर तो क़यामत आएगी ही नहीं (ऐ रसूल) तुम कह दो हॉ (हॉ) मुझ को अपने उस आलेमुल ग़ैब परवरदिगार की क़सम है जिससे ज़र्रा बराबर (कोई चीज़) न आसमान में छिपी हुई है और न ज़मीन में कि क़यामत ज़रूर आएगी और ज़र्रे से छोटी चीज़ और ज़र्रे से बडी (ग़रज़ जितनी चीज़े हैं सब) वाजेए व रौशन किताब लौहे महफूज़ में महफूज़ हैं

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

तथा कहा काफ़िरों ने कि हमपर प्रलय नहीं आयेगी। आप कह दें: क्यों नहीं? मेरे पालनहार की शपथ! -वह तुमपर अवश्य आयेगी- जो परोक्ष का ज्ञानी है। नहीं छुपा रह सकता उससे कण बराबर (भी) आकाशों तथा धरती में, न उससे छोटी कोई चीज़ और न बड़ी, किन्तु, वह खुली पुस्तक में (अंकित) है।[1]