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अन-नाज़िआ़त आयत ४६ | An-Nazi’at 79:46

As though they
كَأَنَّهُمْ
गोया कि वो
(the) Day
يَوْمَ
जिस दिन
they see it
يَرَوْنَهَا
वो देखेंगे उसे (तो कहेंगे)
not
لَمْ
नहीं
they had remained
يَلْبَثُوٓا۟
वो ठहरे
except
إِلَّا
मगर
an evening
عَشِيَّةً
पिछला पहर
or
أَوْ
या
a morning thereof
ضُحَىٰهَا
पहला पहर उसका

Kaannahum yawma yarawnaha lam yalbathoo illa 'ashiyyatan aw duhaha

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

जिस दिन वे उसे देखेंगे तो (ऐसा लगेगा) मानो वे (दुनिया में) बस एक शाम या उसकी सुबह ही ठहरे है

English Sahih:

It will be, on the Day they see it, as though they had not remained [in the world] except for an afternoon or a morning thereof.

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

जिस दिन वह लोग इसको देखेंगे तो (समझेंगे कि दुनिया में) बस एक शाम या सुबह ठहरे थे

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

वे जिस दिन उसका दर्शन करेंगे, उन्हें ऐसा लगेगा कि वे संसार में एक संध्या या उसके सवेरे से अधिक नहीं ठहरे।