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bismillah
إِنَّآ
बेशक हमने
أَعْطَيْنَٰكَ
अता किया हमने आपको
ٱلْكَوْثَرَ
कौसर

Inna a'taynaka alkawthara

निश्चय ही हमने तुम्हें कौसर प्रदान किया,

Tafseer (तफ़सीर )
فَصَلِّ
पस नमाज़ पढ़िए
لِرَبِّكَ
अपने रब के लिए
وَٱنْحَرْ
और क़ुर्बानी कीजिए

Fasalli lirabbika wainhar

अतः तुम अपने रब ही के लिए नमाज़ पढ़ो और (उसी के दिन) क़़ुरबानी करो

Tafseer (तफ़सीर )
إِنَّ
बेशक
شَانِئَكَ
दुश्मन आपका
هُوَ
वो ही
ٱلْأَبْتَرُ
जड़ कटा है

Inna shaniaka huwa alabtaru

निस्संदेह तुम्हारा जो वैरी है वही जड़कटा है

Tafseer (तफ़सीर )
कुरान की जानकारी :
अल-कौसर
القرآن الكريم:الكوثر
आयत सजदा (سجدة):-
सूरा (latin):Al-Kausar
सूरा:108
कुल आयत:3
कुल शब्द:10
कुल वर्ण:42
रुकु:1
वर्गीकरण:मक्कन सूरा
Revelation Order:15
से शुरू आयत:6204