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bismillah
وَٱلْعَصْرِ
क़सम है ज़माने की

Waal'asri

गवाह है गुज़रता समय,

Tafseer (तफ़सीर )
إِنَّ
बेशक
ٱلْإِنسَٰنَ
इन्सान
لَفِى
यक़ीनन ख़सारे में है
خُسْرٍ
यक़ीनन ख़सारे में है

Inna alinsana lafee khusrin

कि वास्तव में मनुष्य घाटे में है,

Tafseer (तफ़सीर )
إِلَّا
सिवाए
ٱلَّذِينَ
उन लोगों के जो
ءَامَنُوا۟
ईमान लाए
وَعَمِلُوا۟
और उन्होंने अमल किए
ٱلصَّٰلِحَٰتِ
नेक
وَتَوَاصَوْا۟
और एक दूसरे तो तलक़ीन की
بِٱلْحَقِّ
हक़ की
وَتَوَاصَوْا۟
और एक दूसरे को तलक़ीन की
بِٱلصَّبْرِ
सब्र की

Illa allatheena amanoo wa'amiloo alssalihati watawasaw bialhaqqi watawasaw bialssabri

सिवाय उन लोगों के जो ईमान लाए और अच्छे कर्म किए और एक-दूसरे को हक़ की ताकीद की, और एक-दूसरे को धैर्य की ताकीद की

Tafseer (तफ़सीर )
कुरान की जानकारी :
अल-अस्र
القرآن الكريم:العصر
आयत सजदा (سجدة):-
सूरा (latin):Al-'Asr
सूरा:103
कुल आयत:3
कुल शब्द:14
कुल वर्ण:68
रुकु:1
वर्गीकरण:मक्कन सूरा
Revelation Order:13
से शुरू आयत:6176