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अल हिज्र आयत १४ | Al-Hijr 15:14

And (even) if
وَلَوْ
और अगर
We opened
فَتَحْنَا
खोलदें हमने
to them
عَلَيْهِم
उन पर
a gate
بَابًا
कोई दरवाज़ा
from
مِّنَ
आसमान से
the heaven
ٱلسَّمَآءِ
आसमान से
and they were to continue
فَظَلُّوا۟
तो शिरू होजाऐं
therein
فِيهِ
उसमें
(to) ascend
يَعْرُجُونَ
वो चढ़ते

Walaw fatahna 'alayhim baban mina alssamai fathalloo feehi ya'rujoona

Muhammad Faruq Khan Sultanpuri & Muhammad Ahmed:

यदि हम उनपर आकाश से कोई द्वार खोल दें और वे दिन-दहाड़े उसमें चढ़ने भी लगें,

English Sahih:

And [even] if We opened to them a gate from the heaven and they continued therein to ascend,

1 | Suhel Farooq Khan/Saifur Rahman Nadwi

और अगर हम अपनी कुदरत से आसमान का एक दरवाज़ा भी खोल दें और ये लोग दिन दहाड़े उस दरवाज़े से (आसमान पर) चढ़ भी जाएँ

2 | Azizul-Haqq Al-Umary

और यदि हम उनपर आकाश का कोई द्वार खोल देते, फिर वे उसमें चढ़ने लगते।