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bismillah

الٓمٓ
ا ل م

Aliflammeem

अलिफ़॰ लाम॰ मीम॰

Tafseer (तफ़सीर )

غُلِبَتِ
मग़लूब हो गए
ٱلرُّومُ
रूमी

Ghulibati alrroomu

रूमी निकटवर्ती क्षेत्र में पराभूत हो गए हैं।

Tafseer (तफ़सीर )

فِىٓ
क़रीब की ज़मीन में
أَدْنَى
क़रीब की ज़मीन में
ٱلْأَرْضِ
क़रीब की ज़मीन में
وَهُم
और वो
مِّنۢ
बाद
بَعْدِ
बाद
غَلَبِهِمْ
अपने मग़लूब होने के
سَيَغْلِبُونَ
अनक़रीब वो ग़ालिब आ जाऐंगे

Fee adna alardi wahum min ba'di ghalabihim sayaghliboona

और वे अपने पराभव के पश्चात शीघ्र ही कुछ वर्षों में प्रभावी हो जाएँगे।

Tafseer (तफ़सीर )

فِى
चंद सालों में
بِضْعِ
चंद सालों में
سِنِينَۗ
चंद सालों में
لِلَّهِ
अल्लाह ही के लिए है
ٱلْأَمْرُ
हुक्म
مِن
इससे पहले
قَبْلُ
इससे पहले
وَمِنۢ
और इसके बाद
بَعْدُۚ
और इसके बाद
وَيَوْمَئِذٍ
और उस दिन
يَفْرَحُ
ख़ुश हो जाऐंगे
ٱلْمُؤْمِنُونَ
मोमिन

Fee bid'i sineena lillahi alamru min qablu wamin ba'du wayawmaithin yafrahu almuminoona

हुक्म तो अल्लाह ही का है पहले भी और उसके बाद भी। और उस दिन ईमानवाले अल्लाह की सहायता से प्रसन्न होंगे।

Tafseer (तफ़सीर )

بِنَصْرِ
मदद से
ٱللَّهِۚ
अल्लाह की
يَنصُرُ
वो मदद करता है
مَن
जिसकी
يَشَآءُۖ
वो चाहता है
وَهُوَ
और वो
ٱلْعَزِيزُ
बहुत ज़बरदस्त है
ٱلرَّحِيمُ
बहुत रहम करने वाला है

Binasri Allahi yansuru man yashao wahuwa al'azeezu alrraheemu

वह जिसकी चाहता है, सहायता करता है। वह अत्यन्त प्रभुत्वशाली, दयावान है

Tafseer (तफ़सीर )

وَعْدَ
वादा है
ٱللَّهِۖ
अल्लाह का
لَا
नहीं ख़िलाफ़ करता
يُخْلِفُ
नहीं ख़िलाफ़ करता
ٱللَّهُ
अल्लाह
وَعْدَهُۥ
वादा अपना
وَلَٰكِنَّ
लेकिन
أَكْثَرَ
अक्सर
ٱلنَّاسِ
लोग
لَا
नहीं वो जानते
يَعْلَمُونَ
नहीं वो जानते

Wa'da Allahi la yukhlifu Allahu wa'dahu walakinna akthara alnnasi la ya'lamoona

यह अल्लाह का वादा है! अल्लाह अपने वादे का उल्लंघन नहीं करता। किन्तु अधिकतर लोग जानते नहीं

Tafseer (तफ़सीर )

يَعْلَمُونَ
वो जानते हैं
ظَٰهِرًا
ज़ाहिर को
مِّنَ
दुनिया की ज़िन्दगी के
ٱلْحَيَوٰةِ
दुनिया की ज़िन्दगी के
ٱلدُّنْيَا
दुनिया की ज़िन्दगी के
وَهُمْ
और वो
عَنِ
आख़िरत से
ٱلْءَاخِرَةِ
आख़िरत से
هُمْ
वो
غَٰفِلُونَ
ग़ाफ़िल हैं

Ya'lamoona thahiran mina alhayati alddunya wahum 'ani alakhirati hum ghafiloona

वे सांसारिक जीवन के केवल वाह्य रूप को जानते है। किन्तु आख़िरत की ओर से वे बिलकुल असावधान है

Tafseer (तफ़सीर )

أَوَلَمْ
क्या भला नहीं
يَتَفَكَّرُوا۟
उन्होंने ग़ौरो फ़िक्र किया
فِىٓ
अपने नफ़्सों में
أَنفُسِهِمۗ
अपने नफ़्सों में
مَّا
नहीं
خَلَقَ
पैदा किया
ٱللَّهُ
अल्लाह ने
ٱلسَّمَٰوَٰتِ
आसमानों
وَٱلْأَرْضَ
और ज़मीन को
وَمَا
और जो कुछ
بَيْنَهُمَآ
दर्मियान है इन दोनों के
إِلَّا
मगर
بِٱلْحَقِّ
साथ हक़ के
وَأَجَلٍ
और वक़्त
مُّسَمًّىۗ
मुक़र्रर के
وَإِنَّ
और बेशक
كَثِيرًا
बहुत से
مِّنَ
लोगों में से
ٱلنَّاسِ
लोगों में से
بِلِقَآئِ
मुलाक़ात का
رَبِّهِمْ
अपने रब की
لَكَٰفِرُونَ
अलबत्ता इन्कार करने वाले हैं

Awalam yatafakkaroo fee anfusihim ma khalaqa Allahu alssamawati waalarda wama baynahuma illa bialhaqqi waajalin musamman wainna katheeran mina alnnasi biliqai rabbihim lakafiroona

क्या उन्होंने अपने आप में सोच-विचार नहीं किया? अल्लाह ने आकाशों और धरती को और जो कुछ उनके बीच है सत्य के साथ और एक नियत अवधि ही के लिए पैदा किया है। किन्तु बहुत-से लोग अपने प्रभु के मिलन का इनकार करते है

Tafseer (तफ़सीर )

أَوَلَمْ
क्या भला नहीं
يَسِيرُوا۟
वो चले फिरे
فِى
ज़मीन में
ٱلْأَرْضِ
ज़मीन में
فَيَنظُرُوا۟
तो वो देखते
كَيْفَ
कैसा
كَانَ
हुआ
عَٰقِبَةُ
अंजाम
ٱلَّذِينَ
उनका जो
مِن
उनसे पहले थे
قَبْلِهِمْۚ
उनसे पहले थे
كَانُوٓا۟
थे वो
أَشَدَّ
ज़्यादा शदीद
مِنْهُمْ
उनसे
قُوَّةً
क़ुव्वत में
وَأَثَارُوا۟
और उन्होंने उधेड़ा था
ٱلْأَرْضَ
ज़मीन को
وَعَمَرُوهَآ
और उन्होंने आबाद किया था उसे
أَكْثَرَ
ज़्यादा
مِمَّا
उससे जो
عَمَرُوهَا
उन्होंने आबाद किया है उसे
وَجَآءَتْهُمْ
और आए उनके पास
رُسُلُهُم
रसूल उनके
بِٱلْبَيِّنَٰتِۖ
साथ वाज़ेह दलाइल के
فَمَا
तो ना
كَانَ
था
ٱللَّهُ
अल्लाह
لِيَظْلِمَهُمْ
कि वो ज़ुल्म करता उन पर
وَلَٰكِن
और लेकिन
كَانُوٓا۟
थे वो
أَنفُسَهُمْ
अपनी जानों पर
يَظْلِمُونَ
वो ज़ुल्म करते

Awalam yaseeroo fee alardi fayanthuroo kayfa kana 'aqibatu allatheena min qablihim kanoo ashadda minhum quwwatan waatharoo alarda wa'amarooha akthara mimma 'amarooha wajaathum rusuluhum bialbayyinati fama kana Allahu liyathlimahum walakin kanoo anfusahum yathlimoona

क्या वे धरती में चले-फिरे नहीं कि देखते कि उन लोगों का कैसा परिणाम हुआ जो उनसे पहले थे? वे शक्ति में उनसे अधिक बलवान थे और उन्होंने धरती को उपजाया और उससे कहीं अधिक उसे आबाद किया जितना उन्होंने आबाद किया था। और उनके पास उनके रसूल प्रत्यक्ष प्रमाण लेकर आए। फिर अल्लाह ऐसा न था कि उनपर ज़ुल्म करता। किन्तु वे स्वयं ही अपने आप पर ज़ुल्म करते थे

Tafseer (तफ़सीर )

ثُمَّ
फिर
كَانَ
हुआ
عَٰقِبَةَ
अंजाम
ٱلَّذِينَ
उनका जिन्होंने
أَسَٰٓـُٔوا۟
बुराई की
ٱلسُّوٓأَىٰٓ
बहुत बुरा
أَن
कि
كَذَّبُوا۟
उन्होंने झुठलाया
بِـَٔايَٰتِ
अल्लाह की आयात को
ٱللَّهِ
अल्लाह की आयात को
وَكَانُوا۟
और थे वो
بِهَا
उनका
يَسْتَهْزِءُونَ
वो मज़ाक़ उड़ाते

Thumma kana 'aqibata allatheena asaoo alssooa an kaththaboo biayati Allahi wakanoo biha yastahzioona

फिर जिन लोगों ने बुरा किया था उनका परिणाम बुरा हुआ, क्योंकि उन्होंने अल्लाह की आयतों को झुठलाया और उनका उपहास करते रहे

Tafseer (तफ़सीर )
कुरान की जानकारी :
अर-रूम
القرآن الكريم:الروم
आयत सजदा (سجدة):-
सूरा (latin):Ar-Rum
सूरा:30
कुल आयत:60
कुल शब्द:910
कुल वर्ण:3534
रुकु:6
वर्गीकरण:मक्कन सूरा
Revelation Order:84
से शुरू आयत:3409