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bismillah
ٱلَّذِينَ
वो लोग जिन्होंने
كَفَرُوا۟
कुफ़्र किया
وَصَدُّوا۟
और उन्होंने रोका
عَن
अल्लाह के रास्ते से
سَبِيلِ
अल्लाह के रास्ते से
ٱللَّهِ
अल्लाह के रास्ते से
أَضَلَّ
उसने ज़ाए कर दिए
أَعْمَٰلَهُمْ
आमाल उनके

Allatheena kafaroo wasaddoo 'an sabeeli Allahi adalla a'malahum

जिन लोगों ने इनकार किया और अल्लाह के मार्ग से रोका उनके कर्म उसने अकारथ कर दिए

Tafseer (तफ़सीर )
وَٱلَّذِينَ
और वो जो
ءَامَنُوا۟
ईमान लाए
وَعَمِلُوا۟
और उन्होंने अमल किए
ٱلصَّٰلِحَٰتِ
नेक
وَءَامَنُوا۟
और वो ईमान लाए
بِمَا
उस पर जो
نُزِّلَ
नाज़िल किया गया
عَلَىٰ
मुहम्मद पर
مُحَمَّدٍ
मुहम्मद पर
وَهُوَ
और वो ही
ٱلْحَقُّ
हक़ है
مِن
उनके रब की तरफ़ से
رَّبِّهِمْۙ
उनके रब की तरफ़ से
كَفَّرَ
उसने दूर कर दीं
عَنْهُمْ
उनसे
سَيِّـَٔاتِهِمْ
बुराइयाँ उनकी
وَأَصْلَحَ
और उसने दुरुस्त कर दिया
بَالَهُمْ
हाल उनका

Waallatheena amanoo wa'amiloo alssalihati waamanoo bima nuzzila 'ala muhammadin wahuwa alhaqqu min rabbihim kaffara 'anhum sayyiatihim waaslaha balahum

रहे वे लोग जो ईमान लाए और उन्होंने अच्छे कर्म किए और उस चीज़ पर ईमान लाए जो मुहम्मद पर अवतरित किया गया - और वही सत्य है उनके रब की ओर से - उसने उसकी बुराइयाँ उनसे दूर कर दीं और उनका हाल ठीक कर दिया

Tafseer (तफ़सीर )
ذَٰلِكَ
ये
بِأَنَّ
बवजह इसके कि
ٱلَّذِينَ
वो जिन्होंने
كَفَرُوا۟
कुफ़्र किया
ٱتَّبَعُوا۟
उन्होंने पैरवी की
ٱلْبَٰطِلَ
बातिल की
وَأَنَّ
और ये कि
ٱلَّذِينَ
वो लोग जो
ءَامَنُوا۟
ईमान लाए
ٱتَّبَعُوا۟
उन्होंने पैरवी की
ٱلْحَقَّ
हक़ की
مِن
अपने रब की तरफ़ से
رَّبِّهِمْۚ
अपने रब की तरफ़ से
كَذَٰلِكَ
इसी तरह
يَضْرِبُ
बयान करता है
ٱللَّهُ
अल्लाह
لِلنَّاسِ
लोगों के लिए
أَمْثَٰلَهُمْ
मिसालें उनकी

Thalika bianna allatheena kafaroo ittaba'oo albatila waanna allatheena amanoo ittaba'oo alhaqqa min rabbihim kathalika yadribu Allahu lilnnasi amthalahum

यह इसलिए कि जिन लोगों ने इनकार किया उन्होंने असत्य का अनुसरण किया और यह कि जो लोग ईमान लाए उन्होंने सत्य का अनुसरण किया, जो उनके रब की ओर से है। इस प्रकार अल्लाह लोगों के लिए उनकी मिसालें बयान करता है

Tafseer (तफ़सीर )
فَإِذَا
फिर जब
لَقِيتُمُ
मिलो तुम
ٱلَّذِينَ
उनसे जिन्होंने
كَفَرُوا۟
कुफ़्र किया
فَضَرْبَ
तो मारना है
ٱلرِّقَابِ
गर्दनों का
حَتَّىٰٓ
यहाँ तक कि
إِذَآ
जब
أَثْخَنتُمُوهُمْ
ख़ूब ख़ून रेज़ी कर चुको तुम उनकी
فَشُدُّوا۟
फिर मज़बूत बाँधो
ٱلْوَثَاقَ
बन्धन
فَإِمَّا
फिर ख़्वाह
مَنًّۢا
एहसान करो
بَعْدُ
उसके बाद
وَإِمَّا
और ख़्वाह
فِدَآءً
फ़िदया लो
حَتَّىٰ
यहाँ तक कि
تَضَعَ
रख दे
ٱلْحَرْبُ
जंग
أَوْزَارَهَاۚ
हथियार उपने
ذَٰلِكَ
ये है (हुक्म)
وَلَوْ
और अगर
يَشَآءُ
चाहता
ٱللَّهُ
अल्लाह
لَٱنتَصَرَ
अलबत्ता वो बदला ले लेता
مِنْهُمْ
उनसे
وَلَٰكِن
और लेकिन
لِّيَبْلُوَا۟
ताकि वो आज़माए
بَعْضَكُم
तुम्हारे बाज़ को
بِبَعْضٍۗ
साथ बाज़ के
وَٱلَّذِينَ
और वो लोग जो
قُتِلُوا۟
मारे गए
فِى
अल्लाह के रास्ते में
سَبِيلِ
अल्लाह के रास्ते में
ٱللَّهِ
अल्लाह के रास्ते में
فَلَن
तो हरगिज़ ना
يُضِلَّ
वो ज़ाया करेगा
أَعْمَٰلَهُمْ
आमाल उनके

Faitha laqeetumu allatheena kafaroo fadarba alrriqabi hatta itha athkhantumoohum fashuddoo alwathaqa faimma mannan ba'du waimma fidaan hatta tada'a alharbu awzaraha thalika walaw yashao Allahu laintasara minhum walakin liyabluwa ba'dakum biba'din waallatheena qutiloo fee sabeeli Allahi falan yudilla a'malahum

अतः जब इनकार करनेवालो से तुम्हारी मुठभेड़ हो तो (उनकी) गरदनें मारना है, यहाँ तक कि जब उन्हें अच्छी तरह कुचल दो तो बन्धनों में जकड़ो, फिर बाद में या तो एहसान करो या फ़िदया (अर्थ-दंड) का मामला करो, यहाँ तक कि युद्ध अपने बोझ उतारकर रख दे। यह भली-भाँति समझ लो, यदि अल्लाह चाहे तो स्वयं उनसे निपट ले। किन्तु (उसने या आदेश इसलिए दिया) ताकि तुम्हारी एक-दूसरे की परीक्षा ले। और जो लोग अल्लाह के मार्ग में मारे जाते है उनके कर्म वह कदापि अकारथ न करेगा

Tafseer (तफ़सीर )
سَيَهْدِيهِمْ
ज़रूर वो रहनुमाई करेगा उनकी
وَيُصْلِحُ
और वो दुरूस्त कर देगा
بَالَهُمْ
हाल उनके

Sayahdeehim wayuslihu balahum

वह उनका मार्गदर्शन करेगा और उनका हाल ठीक कर देगा

Tafseer (तफ़सीर )
وَيُدْخِلُهُمُ
और वो दाख़िल करेगा उन्हें
ٱلْجَنَّةَ
उस जन्नत में
عَرَّفَهَا
उसने पहचान करा दी जिसकी
لَهُمْ
उनको

Wayudkhiluhumu aljannata 'arrafaha lahum

और उन्हें जन्नत में दाख़िल करेगा, जिससे वह उन्हें परिचित करा चुका है

Tafseer (तफ़सीर )
يَٰٓأَيُّهَا
ऐ लोगो जो
ٱلَّذِينَ
ऐ लोगो जो
ءَامَنُوٓا۟
ईमान लाए हो
إِن
अगर
تَنصُرُوا۟
तुम मदद करोगे
ٱللَّهَ
अल्लाह की
يَنصُرْكُمْ
वो मदद करेगा तुम्हारी
وَيُثَبِّتْ
और वो जमा देगा
أَقْدَامَكُمْ
तुम्हारे क़दमों को

Ya ayyuha allatheena amanoo in tansuroo Allaha yansurkum wayuthabbit aqdamakum

ऐ लोगों, जो ईमान लाए हो, यदि तुम अल्लाह की सहायता करोगे तो वह तुम्हारी सहायता करेगा और तुम्हारे क़दम जमा देगा

Tafseer (तफ़सीर )
وَٱلَّذِينَ
और वो लोग जिन्होंने
كَفَرُوا۟
कुफ़्र किया
فَتَعْسًا
पस तबाही है
لَّهُمْ
उनके लिए
وَأَضَلَّ
और उसने ज़ाया कर दिए
أَعْمَٰلَهُمْ
आमाल उनके

Waallatheena kafaroo fata'san lahum waadalla a'malahum

रहे वे लोग जिन्होंने इनकार किया, तो उनके लिए तबाही है। और उनके कर्मों को अल्लाह ने अकारथ कर दिया

Tafseer (तफ़सीर )
ذَٰلِكَ
ये
بِأَنَّهُمْ
बवजह उसके कि वो
كَرِهُوا۟
उन्होंने नापसंद किया
مَآ
जो
أَنزَلَ
नाज़िल किया
ٱللَّهُ
अल्लाह ने
فَأَحْبَطَ
तो उसने बरबाद कर दिए
أَعْمَٰلَهُمْ
आमाल उनके

Thalika biannahum karihoo ma anzala Allahu faahbata a'malahum

यह इसलिए कि उन्होंने उस चीज़ को नापसन्द किया जिसे अल्लाह ने अवतरित किया, तो उसने उनके कर्म अकारथ कर दिए

Tafseer (तफ़सीर )
أَفَلَمْ
क्या फिर नहीं
يَسِيرُوا۟
वो चले फिरे
فِى
ज़मीन में
ٱلْأَرْضِ
ज़मीन में
فَيَنظُرُوا۟
तो वो देखते
كَيْفَ
किस तरह
كَانَ
हुआ
عَٰقِبَةُ
अंजाम
ٱلَّذِينَ
उन लोगों का जो
مِن
उनसे पहले थे
قَبْلِهِمْۚ
उनसे पहले थे
دَمَّرَ
हलाकत डाली
ٱللَّهُ
अल्लाह ने
عَلَيْهِمْۖ
उन पर
وَلِلْكَٰفِرِينَ
और काफ़िरों के लिए
أَمْثَٰلُهَا
उस जैसी (सज़ाऐं )हैं

Afalam yaseeroo fee alardi fayanthuroo kayfa kana 'aqibatu allatheena min qablihim dammara Allahu 'alayhim walilkafireena amthaluha

क्या वे धरती में चले-फिरे नहीं कि देखते कि उन लोगों का कैसा परिणाम हुआ जो उनसे पहले गुज़र चुके है? अल्लाह ने उन्हें तहस-नहस कर दिया और इनकार करनेवालों के लिए ऐसे ही मामले होने है

Tafseer (तफ़सीर )
कुरान की जानकारी :
मुहम्मद
القرآن الكريم:محمد
आयत सजदा (سجدة):-
सूरा (latin):Muhammad
सूरा:47
कुल आयत:38
कुल शब्द:558
कुल वर्ण:2475
रुकु:4
वर्गीकरण:मदीनन सूरा
Revelation Order:95
से शुरू आयत:4545