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وَأَوْفُوا۟
और पूरा करो
بِعَهْدِ
अहद को
ٱللَّهِ
अल्लाह के
إِذَا
जब
عَٰهَدتُّمْ
अहद करो तुम
وَلَا
और ना
تَنقُضُوا۟
तुम तोड़ो
ٱلْأَيْمَٰنَ
क़समों को
بَعْدَ
बाद
تَوْكِيدِهَا
उनके पक्का करने के
وَقَدْ
हालाँकि तहक़ीक़
جَعَلْتُمُ
बनालिया है तुमने
ٱللَّهَ
अल्लाह को
عَلَيْكُمْ
अपने ऊपर
كَفِيلًاۚ
ज़ामिन
إِنَّ
बेशक
ٱللَّهَ
अल्लाह
يَعْلَمُ
जानता है
مَا
जो
تَفْعَلُونَ
तुम करते हो

Waawfoo bi'ahdi Allahi itha 'ahadtum wala tanqudoo alaymana ba'da tawkeediha waqad ja'altumu Allaha 'alaykum kafeelan inna Allaha ya'lamu ma taf'aloona

अल्लाह के साथ की हुई प्रतिज्ञा को पूरा करो, जबकि तुमने प्रतिज्ञा की हो। और अपनी क़समों को उन्हें सुदृढ़ करने के पश्चात मत तोड़ो, जबकि तुम अपने ऊपर अल्लाह को अपना ज़ामिन बना चुके हो। निश्चय ही अल्लाह जानता है जो कुछ तुम करते हो

Tafseer (तफ़सीर )

وَلَا
और ना
تَكُونُوا۟
तुम हो जाओ
كَٱلَّتِى
उस औरत की तरह
نَقَضَتْ
जिसने तोड़ डाला
غَزْلَهَا
सूत अपना
مِنۢ
बाद
بَعْدِ
बाद
قُوَّةٍ
मज़्बूत (कातने) के
أَنكَٰثًا
टुकड़े-टुकड़े करके
تَتَّخِذُونَ
तुम बना लेते हो
أَيْمَٰنَكُمْ
अपनी क़समों को
دَخَلًۢا
बहाना
بَيْنَكُمْ
आपस में
أَن
ताकि
تَكُونَ
हो जाए
أُمَّةٌ
एक जमाअत
هِىَ
वो
أَرْبَىٰ
ज़्यादा बढ़ी हुई (माल में)
مِنْ
जमाअत से (दूसरी)
أُمَّةٍۚ
जमाअत से (दूसरी)
إِنَّمَا
बेशक
يَبْلُوكُمُ
आज़माता है तुम्हें
ٱللَّهُ
अल्लाह
بِهِۦۚ
साथ उसके
وَلَيُبَيِّنَنَّ
और अलबत्ता वो ज़रूर वाज़ेह करेगा
لَكُمْ
तुम्हारे लिए
يَوْمَ
दिन
ٱلْقِيَٰمَةِ
क़यामत के
مَا
वो जो
كُنتُمْ
थे तुम
فِيهِ
जिसमें
تَخْتَلِفُونَ
तुम इख़्तिलाफ़ करते

Wala takoonoo kaallatee naqadat ghazlaha min ba'di quwwatin ankathan tattakhithoona aymanakum dakhalan baynakum an takoona ommatun hiya arba min ommatin innama yablookumu Allahu bihi walayubayyinanna lakum yawma alqiyamati ma kuntum feehi takhtalifoona

तुम उस स्त्री की भाँति न हो जाओ जिसने अपना सूत मेहनत से कातने के पश्चात टुकड़-टुकड़े करके रख दिया। तुम अपनी क़समों को परस्पर हस्तक्षेप करने का बहाना बनाने लगो इस ध्येय से कहीं ऐसा न हो कि एक गिरोह दूसरे गिरोह से बढ़ जाए। बात केवल यह है कि अल्लाह इस प्रतिज्ञा के द्वारा तुम्हारी परीक्षा लेता है और जिस बात में तुम विभेद करते हो उसकी वास्तविकता तो वह क़ियामत के दिन अवश्य ही तुम पर खोल देगा

Tafseer (तफ़सीर )

وَلَوْ
और अगर
شَآءَ
चाहता
ٱللَّهُ
अल्लाह
لَجَعَلَكُمْ
अलबत्ता वो बना देता तुम्हें
أُمَّةً
उम्मत
وَٰحِدَةً
एक ही
وَلَٰكِن
और लेकिन
يُضِلُّ
वो गुमराह करता है
مَن
जिसे
يَشَآءُ
वो चाहता है
وَيَهْدِى
और वो हिदायत देता है
مَن
जिसे
يَشَآءُۚ
वो चाहता है
وَلَتُسْـَٔلُنَّ
और अलबत्ता तुम ज़रूर सवाल किए जाओगे
عَمَّا
उसके बारे में जो
كُنتُمْ
थे तुम
تَعْمَلُونَ
तुम अमल करते

Walaw shaa Allahu laja'alakum ommatan wahidatan walakin yudillu man yashao wayahdee man yashao walatusalunna 'amma kuntum ta'maloona

यदि अल्लाह चाहता तो तुम सबको एक ही समुदाय बना देता, परन्तु वह जिसे चाहता है गुमराही में छोड़ देता है और जिसे चाहता है सीधा मार्ग दिखाता है। तुम जो कुछ भी करते हो उसके विषय में तो तुमसे अवश्य पूछा जाएगा

Tafseer (तफ़सीर )

وَلَا
और ना
تَتَّخِذُوٓا۟
तुम बनाओ
أَيْمَٰنَكُمْ
अपनी क़समों को
دَخَلًۢا
धोखा देने का ज़रिया
بَيْنَكُمْ
आपस में
فَتَزِلَّ
वरना फिसल जाएगा
قَدَمٌۢ
क़दम
بَعْدَ
बाद
ثُبُوتِهَا
उसके जम जाने के
وَتَذُوقُوا۟
और तुम चखोगे
ٱلسُّوٓءَ
बुराई/सज़ा
بِمَا
बवजह उसके जो
صَدَدتُّمْ
रोका तुमने
عَن
अल्लाह के रास्ते से
سَبِيلِ
अल्लाह के रास्ते से
ٱللَّهِۖ
अल्लाह के रास्ते से
وَلَكُمْ
और तुम्हारे लिए
عَذَابٌ
अज़ाब है
عَظِيمٌ
बहुत बड़ा

Wala tattakhithoo aymanakum dakhalan baynakum fatazilla qadamun ba'da thubootiha watathooqoo alssooa bima sadadtum 'an sabeeli Allahi walakum 'athabun 'atheemun

तुम अपनी क़समों को परस्पर हस्तक्षेप करने का बहाना न बना लेना। कहीं ऐसा न हो कि कोई क़दम जमने के पश्चात उखड़ जाए और अल्लाह के मार्ग से तुम्हारे रोकने के बदले में तुम्हें तकलीफ़ का मज़ा चखना पड़े और तुम एक बड़ी यातना के भागी ठहरो

Tafseer (तफ़सीर )

وَلَا
और ना
تَشْتَرُوا۟
तुम लो
بِعَهْدِ
बदले अल्लाह के अहद के
ٱللَّهِ
बदले अल्लाह के अहद के
ثَمَنًا
क़ीमत
قَلِيلًاۚ
थोड़ी
إِنَّمَا
बेशक जो
عِندَ
अल्लाह के पास है
ٱللَّهِ
अल्लाह के पास है
هُوَ
वो
خَيْرٌ
बहतर है
لَّكُمْ
तुम्हारे लिए
إِن
अगर
كُنتُمْ
हो तुम
تَعْلَمُونَ
तुम जानते

Wala tashtaroo bi'ahdi Allahi thamanan qaleelan innama 'inda Allahi huwa khayrun lakum in kuntum ta'lamoona

और तुच्छ मूल्य के लिए अल्लाह की प्रतिज्ञा का सौदा न करो। अल्लाह के पास जो कुछ है वह तुम्हारे लिए अधिक अच्छा है, यदि तुम जानो;

Tafseer (तफ़सीर )

مَا
जो कुछ
عِندَكُمْ
तुम्हारे पास है
يَنفَدُۖ
ख़तम हो जाएगा
وَمَا
और जो कुछ
عِندَ
अल्लाह के पास है
ٱللَّهِ
अल्लाह के पास है
بَاقٍۗ
बाक़ी रहने वाला है
وَلَنَجْزِيَنَّ
और अलबत्ता हम ज़रूर बदले में देंगे
ٱلَّذِينَ
उनको जिन्होंने
صَبَرُوٓا۟
सब्र किया
أَجْرَهُم
अज्र उनका
بِأَحْسَنِ
बेहतरीन
مَا
उसका जो
كَانُوا۟
थे वो
يَعْمَلُونَ
वो अमल करते

Ma 'indakum yanfadu wama 'inda Allahi baqin walanajziyanna allatheena sabaroo ajrahum biahsani ma kanoo ya'maloona

तुम्हारे पास जो कुछ है वह तो समाप्त हो जाएगा, किन्तु अल्लाह के पास जो कुछ है वही बाक़ी रहनेवाला है। जिन लोगों ने धैर्य से काम लिया उन्हें तो, जो उत्तम कर्म वे करते रहे उसके बदले में, हम अवश्य उनका प्रतिदान प्रदान करेंगे

Tafseer (तफ़सीर )

مَنْ
जिसने
عَمِلَ
अमल किया
صَٰلِحًا
नेक
مِّن
ख़्वाह कोई मर्द हो
ذَكَرٍ
ख़्वाह कोई मर्द हो
أَوْ
या
أُنثَىٰ
औरत
وَهُوَ
जबकि वो
مُؤْمِنٌ
मोमिन हो
فَلَنُحْيِيَنَّهُۥ
पस अलबत्ता हम ज़रूर ज़िन्दगी देंगे उसे
حَيَوٰةً
ज़िन्दगी
طَيِّبَةًۖ
पाकीज़ा
وَلَنَجْزِيَنَّهُمْ
और अलबत्ता हम ज़रूर बदले में देंगे उन्हें
أَجْرَهُم
अज्र उनका
بِأَحْسَنِ
बेहतरीन
مَا
उसका जो
كَانُوا۟
थे वो
يَعْمَلُونَ
वो अमल करते

Man 'amila salihan min thakarin aw ontha wahuwa muminun falanuhyiyannahu hayatan tayyibatan walanajziyannahum ajrahum biahsani ma kanoo ya'maloona

जिस किसी ने भी अच्छा कर्म किया, पुरुष हो या स्त्री, शर्त यह है कि वह ईमान पर हो, तो हम उसे अवश्य पवित्र जीवन-यापन कराएँगे। ऐसे लोग जो अच्छा कर्म करते रहे उसके बदले में हम उन्हें अवश्य उनका प्रतिदान प्रदान करेंगे

Tafseer (तफ़सीर )

فَإِذَا
फिर जब
قَرَأْتَ
पढ़ें आप
ٱلْقُرْءَانَ
क़ुरआन को
فَٱسْتَعِذْ
तो पनाह माँगिए
بِٱللَّهِ
अल्लाह की
مِنَ
शैतान से
ٱلشَّيْطَٰنِ
शैतान से
ٱلرَّجِيمِ
जो मरदूद है

Faitha qarata alqurana faista'ith biAllahi mina alshshaytani alrrajeemi

अतः जब तुम क़ुरआन पढ़ने लगो तो फिटकारे हुए शैतान से बचने के लिए अल्लाह की पनाह माँग लिया करो

Tafseer (तफ़सीर )

إِنَّهُۥ
बेशक वो
لَيْسَ
नहीं है
لَهُۥ
उसका
سُلْطَٰنٌ
कोई ज़ोर
عَلَى
उन लोगों पर जो
ٱلَّذِينَ
उन लोगों पर जो
ءَامَنُوا۟
ईमान लाए
وَعَلَىٰ
और अपने रब पर ही
رَبِّهِمْ
और अपने रब पर ही
يَتَوَكَّلُونَ
वो तवक्कल करते हैं

Innahu laysa lahu sultanun 'ala allatheena amanoo wa'ala rabbihim yatawakkaloona

उसका तो उन लोगों पर कोई ज़ोर नहीं चलता जो ईमान लाए और अपने रब पर भरोसा रखते है

Tafseer (तफ़सीर )

إِنَّمَا
बेशक
سُلْطَٰنُهُۥ
ज़ोर उसका
عَلَى
उन लोगों पर है जो
ٱلَّذِينَ
उन लोगों पर है जो
يَتَوَلَّوْنَهُۥ
दोस्त बनाते हैं उसे
وَٱلَّذِينَ
और (उन पर) जो
هُم
वो
بِهِۦ
उसकी वजह से
مُشْرِكُونَ
शिर्क करने वाले हैं

Innama sultanuhu 'ala allatheena yatawallawnahu waallatheena hum bihi mushrikoona

उसका ज़ोर तो बस उन्हीं लोगों पर चलता है जो उसे अपना मित्र बनाते है और उस (अल्लाह) के साथ साझी ठहराते है

Tafseer (तफ़सीर )