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خَٰلِدِينَ
हमेशा रहने वाले हैं
فِيهِۖ
उसमें
وَسَآءَ
और बहुत बुरा है
لَهُمْ
उनके लिए
يَوْمَ
दिन
ٱلْقِيَٰمَةِ
क़यामत के
حِمْلًا
बोझ उठाना

Khalideena feehi wasaa lahum yawma alqiyamati himlan

ऐसे दिन सदैव इसी वबाल में पड़े रहेंगे और क़ियामत के दिन उनके हक़ में यह बहुत ही बुरा बोझ सिद्ध होगा

Tafseer (तफ़सीर )

يَوْمَ
जिस दिन
يُنفَخُ
फूँका जाएगा
فِى
सूर में
ٱلصُّورِۚ
सूर में
وَنَحْشُرُ
और हम इकट्ठा करेंगे
ٱلْمُجْرِمِينَ
मुजरिमों को
يَوْمَئِذٍ
उस दिन
زُرْقًا
नीली आँखों वाले

Yawma yunfakhu fee alssoori wanahshuru almujrimeena yawmaithin zurqan

जिस दिन सूर फूँका जाएगा और हम अपराधियों को उस दिन इस दशा में इकट्ठा करेंगे कि उनकी आँखे नीली पड़ गई होंगी

Tafseer (तफ़सीर )

يَتَخَٰفَتُونَ
वो सरगोशियाँ करेंगे
بَيْنَهُمْ
आपस में
إِن
नहीं
لَّبِثْتُمْ
ठहरे तुम
إِلَّا
मगर
عَشْرًا
दस (दिन)

Yatakhafatoona baynahum in labithtum illa 'ashran

वे आपस में चुपके-चुपके कहेंगे कि 'तुम बस दस ही दिन ठहरे हो।'

Tafseer (तफ़सीर )

نَّحْنُ
हम
أَعْلَمُ
ज़्यादा जानते हैं
بِمَا
उसे जो
يَقُولُونَ
वो कहेंगे
إِذْ
जब
يَقُولُ
कहेगा
أَمْثَلُهُمْ
सबसे मिसाली उनका
طَرِيقَةً
तरीक़ा/रविश में
إِن
नहीं
لَّبِثْتُمْ
ठहरे हम
إِلَّا
मगर
يَوْمًا
एक दिन

Nahnu a'lamu bima yaqooloona ith yaqoolu amthaluhum tareeqatan in labithtum illa yawman

हम भली-भाँति जानते है जो कुछ वे कहेंगे, जबकि उनका सबसे अच्छी सम्मतिवाला कहेगा, 'तुम तो बस एक ही दिन ठहरे हो।'

Tafseer (तफ़सीर )

وَيَسْـَٔلُونَكَ
और वो सवाल करते हैं आपसे
عَنِ
पहाड़ों के बारे में
ٱلْجِبَالِ
पहाड़ों के बारे में
فَقُلْ
तो कह दीजिए
يَنسِفُهَا
बिखेर देगा उन्हें
رَبِّى
मेरा रब
نَسْفًا
बिखेर देना

Wayasaloonaka 'ani aljibali faqul yansifuha rabbee nasfan

वे तुमसे पर्वतों के विषय में पूछते है। कह दो, 'मेरा रब उन्हें छूल की तरह उड़ा देगा,

Tafseer (तफ़सीर )

فَيَذَرُهَا
पस वो छोड़ देगा उस (ज़मीन) को
قَاعًا
मैदान
صَفْصَفًا
चटियल बनाकर

Fayatharuha qa'an safsafan

और धरती को एक समतल चटियल मैदान बनाकर छोड़ेगा

Tafseer (तफ़सीर )

لَّا
ना तुम देखोगे
تَرَىٰ
ना तुम देखोगे
فِيهَا
उसमें
عِوَجًا
कोई टेढ़ापन
وَلَآ
और ना
أَمْتًا
कोई टीला

La tara feeha 'iwajan wala amtan

तुम उसमें न कोई सिलवट देखोगे और न ऊँच-नीच।'

Tafseer (तफ़सीर )

يَوْمَئِذٍ
जिस दिन
يَتَّبِعُونَ
वो पैरवी करेंगे
ٱلدَّاعِىَ
पुकारने वाले की
لَا
नहीं कोई कजी
عِوَجَ
नहीं कोई कजी
لَهُۥۖ
जिसके लिए
وَخَشَعَتِ
और दब जाऐंगी
ٱلْأَصْوَاتُ
आवाज़ें
لِلرَّحْمَٰنِ
रहमान के लिए
فَلَا
तो ना
تَسْمَعُ
तुम सुनोगे
إِلَّا
सिवाय
هَمْسًا
आहट के

Yawmaithin yattabi'oona aldda'iya la 'iwaja lahu wakhasha'ati alaswatu lilrrahmani fala tasma'u illa hamsan

उस दिन वे पुकारनेवाले के पीछे चल पड़ेंगे और उसके सामने कोई अकड़ न दिखाई जा सकेगी। आवाज़े रहमान के सामने दब जाएँगी। एक हल्की मन्द आवाज़ के अतिरिक्त तुम कुछ न सुनोगे

Tafseer (तफ़सीर )

يَوْمَئِذٍ
उस दिन
لَّا
ना फ़ायदा देगी
تَنفَعُ
ना फ़ायदा देगी
ٱلشَّفَٰعَةُ
शफ़ाअत
إِلَّا
मगर
مَنْ
उसकी
أَذِنَ
इजाज़त दे
لَهُ
जिसे
ٱلرَّحْمَٰنُ
रहमान
وَرَضِىَ
और वो पसंद करे
لَهُۥ
उसके लिए
قَوْلًا
बात को

Yawmaithin la tanfa'u alshshafa'atu illa man athina lahu alrrahmanu waradiya lahu qawlan

उस दिन सिफ़ारिश काम न आएगी। यह और बात है कि किसी के लिए रहमान अनुज्ञा दे और उसके लिए बात करने को पसन्द करे

Tafseer (तफ़सीर )

يَعْلَمُ
वो जानता है
مَا
जो
بَيْنَ
उनके आगे है
أَيْدِيهِمْ
उनके आगे है
وَمَا
और जो
خَلْفَهُمْ
उनके पीछे है
وَلَا
और नहीं
يُحِيطُونَ
वो अहाता कर सकते
بِهِۦ
उसके
عِلْمًا
इल्म का

Ya'lamu ma bayna aydeehim wama khalfahum wala yuheetoona bihi 'ilman

वह जानता है जो कुछ उनके आगे है और जो कुछ उनके पीछे है, किन्तु वे अपने ज्ञान से उसपर हावी नहीं हो सकते

Tafseer (तफ़सीर )