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يَٰٓأَيُّهَا
ٱلرُّسُلُ
पैग़म्बरो
كُلُوا۟
खाओ
مِنَ
पाकीज़ा चीज़ों में से
ٱلطَّيِّبَٰتِ
पाकीज़ा चीज़ों में से
وَٱعْمَلُوا۟
और अमल करो
صَٰلِحًاۖ
नेक
إِنِّى
बेशक मैं
بِمَا
उसे जो
تَعْمَلُونَ
तुम अमल करते हो
عَلِيمٌ
ख़ूब जानने वाला हूँ

Ya ayyuha alrrusulu kuloo mina alttayyibati wai'maloo salihan innee bima ta'maloona 'aleemun

'ऐ पैग़म्बरो! अच्छी पाक चीज़े खाओ और अच्छा कर्म करो। जो कुछ तुम करते हो उसे मैं जानता हूँ

Tafseer (तफ़सीर )

وَإِنَّ
और बेशक
هَٰذِهِۦٓ
ये
أُمَّتُكُمْ
उम्मत तुम्हारी
أُمَّةً
उम्मत है
وَٰحِدَةً
एक ही
وَأَنَا۠
और मैं
رَبُّكُمْ
रब हूँ तुम्हारा
فَٱتَّقُونِ
पस डरो मुझ से

Wainna hathihi ommatukum ommatan wahidatan waana rabbukum faittaqooni

और निश्चय ही यह तुम्हारा समुदाय, एक ही समुदाय है और मैं तुम्हारा रब हूँ। अतः मेरा डर रखो।'

Tafseer (तफ़सीर )

فَتَقَطَّعُوٓا۟
तो उन्होंने जुदा-जुदा कर लिया
أَمْرَهُم
मामला अपना
بَيْنَهُمْ
आपस में
زُبُرًاۖ
टुकड़े-टुकड़े करके
كُلُّ
हर फ़रीक़/ गिरोह( के लोग)
حِزْبٍۭ
हर फ़रीक़/ गिरोह( के लोग)
بِمَا
उस पर जो
لَدَيْهِمْ
उनके पास है
فَرِحُونَ
ख़ुश हैं

Fataqatta'oo amrahum baynahum zuburan kullu hizbin bima ladayhim farihoona

किन्तु उन्होंने स्वयं अपने मामले (धर्म) को परस्पर टुकड़े-टुकड़े कर डाला। हर गिरोह उसी पर खुश है, जो कुछ उसके पास है

Tafseer (तफ़सीर )

فَذَرْهُمْ
तो छोड़ दीजिए उन्हें
فِى
उनकी ग़फ़्लत में
غَمْرَتِهِمْ
उनकी ग़फ़्लत में
حَتَّىٰ
एक वक़्त तक
حِينٍ
एक वक़्त तक

Fatharhum fee ghamratihim hatta heenin

अच्छा तो उन्हें उनकी अपनी बेहोशी में डूबे हुए ही एक समय तक छोड़ दो

Tafseer (तफ़सीर )

أَيَحْسَبُونَ
क्या वो समझते हैं
أَنَّمَا
कि बेशक
نُمِدُّهُم
जो हम मदद दे रहे हैं उन्हें
بِهِۦ
साथ किसी भी(चीज़) के
مِن
माल से
مَّالٍ
माल से
وَبَنِينَ
और बेटों से

Ayahsaboona annama numidduhum bihi min malin wabaneena

क्या वे समझते है कि हम जो उनकी धन और सन्तान से सहायता किए जा रहे है,

Tafseer (तफ़सीर )

نُسَارِعُ
कि हम जल्दी कर रहे हैं
لَهُمْ
उनके लिए
فِى
भलाइयों में
ٱلْخَيْرَٰتِۚ
भलाइयों में
بَل
बल्कि
لَّا
नहीं वो शऊर रखते
يَشْعُرُونَ
नहीं वो शऊर रखते

Nusari'u lahum fee alkhayrati bal la yash'uroona

तो यह उनके भलाइयों में कोई जल्दी कर रहे है?

Tafseer (तफ़सीर )

إِنَّ
बेशक
ٱلَّذِينَ
वो जो
هُم
वो
مِّنْ
ख़ौफ़ से
خَشْيَةِ
ख़ौफ़ से
رَبِّهِم
अपने रब के
مُّشْفِقُونَ
डरने वाले हैं

Inna allatheena hum min khashyati rabbihim mushfiqoona

नहीं, बल्कि उन्हें इसका एहसास नहीं है। निश्चय ही जो लोग अपने रब के भय से काँपते रहते हैं;

Tafseer (तफ़सीर )

وَٱلَّذِينَ
और वो जो
هُم
वो
بِـَٔايَٰتِ
आयात पर
رَبِّهِمْ
अपने रब की
يُؤْمِنُونَ
वो ईमान लाते हैं

Waallatheena hum biayati rabbihim yuminoona

और जो लोग अपने रब की आयतों पर ईमान लाते है;

Tafseer (तफ़सीर )

وَٱلَّذِينَ
और वो जो
هُم
वो
بِرَبِّهِمْ
अपने रब के साथ
لَا
नहीं वो शरीक करते
يُشْرِكُونَ
नहीं वो शरीक करते

Waallatheena hum birabbihim la yushrikoona

और जो लोग अपने रब के साथ किसी को साझी नहीं ठहराते;

Tafseer (तफ़सीर )

وَٱلَّذِينَ
और वो जो
يُؤْتُونَ
देते हैं
مَآ
जो कुछ
ءَاتَوا۟
वो देते हैं
وَّقُلُوبُهُمْ
जब कि दिल उनके
وَجِلَةٌ
लरज़ते हैं
أَنَّهُمْ
कि बेशक वो
إِلَىٰ
तरफ़ अपने रब के
رَبِّهِمْ
तरफ़ अपने रब के
رَٰجِعُونَ
लौटने वाले हैं

Waallatheena yutoona ma ataw waquloobuhum wajilatun annahum ila rabbihim raji'oona

और जो लोग देते है, जो कुछ देते है और हाल यह होता है कि दिल उनके काँप रहे होते है, इसलिए कि उन्हें अपने रब की ओर पलटना है;

Tafseer (तफ़सीर )