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فَسَاهَمَ
तो क़ुरअ डाला
فَكَانَ
फिर वो हो गया
مِنَ
हार जाने वालों में से
ٱلْمُدْحَضِينَ
हार जाने वालों में से

Fasahama fakana mina almudhadeena

फिर पर्ची डालने में शामिल हुआ और उसमें मात खाई

Tafseer (तफ़सीर )

فَٱلْتَقَمَهُ
तो लुक़्मा बना लिया उसका
ٱلْحُوتُ
मछली ने
وَهُوَ
और वो
مُلِيمٌ
मलामत ज़दा था

Failtaqamahu alhootu wahuwa muleemun

फिर उसे मछली ने निगल लिया और वह निन्दनीय दशा में ग्रस्त हो गया था।

Tafseer (तफ़सीर )

فَلَوْلَآ
फिर अगर ना
أَنَّهُۥ
ये कि
كَانَ
होता वो
مِنَ
तस्बीह करने वालों में से
ٱلْمُسَبِّحِينَ
तस्बीह करने वालों में से

Falawla annahu kana mina almusabbiheena

अब यदि वह तसबीह करनेवाला न होता

Tafseer (तफ़सीर )

لَلَبِثَ
अलबत्ता वो ठहरा रहता
فِى
उसके पेट में
بَطْنِهِۦٓ
उसके पेट में
إِلَىٰ
उस दिन तक
يَوْمِ
उस दिन तक
يُبْعَثُونَ
(जब) वो दोबारा उठाए जाऐंगे

Lalabitha fee batnihi ila yawmi yub'athoona

तो उसी के भीतर उस दिन तक पड़ा रह जाता, जबकि लोग उठाए जाएँगे।

Tafseer (तफ़सीर )

فَنَبَذْنَٰهُ
तो हमने फेंक दिया उसे
بِٱلْعَرَآءِ
चटियल मैदान में
وَهُوَ
इस हाल में कि वो
سَقِيمٌ
बीमार था

Fanabathnahu bial'arai wahuwa saqeemun

अन्ततः हमने उसे इस दशा में कि वह निढ़ाल था, साफ़ मैदान में डाल दिया।

Tafseer (तफ़सीर )

وَأَنۢبَتْنَا
और उगाया हमने
عَلَيْهِ
उस पर
شَجَرَةً
एक पौदा
مِّن
कद्दू की बेल का
يَقْطِينٍ
कद्दू की बेल का

Waanbatna 'alayhi shajaratan min yaqteenin

हमने उसपर बेलदार वृक्ष उगाया था

Tafseer (तफ़सीर )

وَأَرْسَلْنَٰهُ
और भेजा हमने उसे
إِلَىٰ
तरफ़ सौ हज़ार (एक लाख) के
مِا۟ئَةِ
तरफ़ सौ हज़ार (एक लाख) के
أَلْفٍ
तरफ़ सौ हज़ार (एक लाख) के
أَوْ
बल्कि
يَزِيدُونَ
वो ज़्यादा होंगे

Waarsalnahu ila miati alfin aw yazeedoona

और हमने उसे एक लाख या उससे अधिक (लोगों) की ओर भेजा

Tafseer (तफ़सीर )

فَـَٔامَنُوا۟
तो वो ईमान ले आए
فَمَتَّعْنَٰهُمْ
तो हमने फ़ायदा दिया उन्हें
إِلَىٰ
एक वक़्त तक
حِينٍ
एक वक़्त तक

Faamanoo famatta'nahum ila heenin

फिर वे ईमान लाए तो हमने उन्हें एक अवधि कर सुख भोगने का अवसर दिया।

Tafseer (तफ़सीर )

فَٱسْتَفْتِهِمْ
पस पूछो उनसे
أَلِرَبِّكَ
क्या आपके रब के लिए हैं
ٱلْبَنَاتُ
बेटियाँ
وَلَهُمُ
और उनके लिए हैं
ٱلْبَنُونَ
बेटे

Faistaftihim alirabbika albanatu walahumu albanoona

अब उनसे पूछो, 'क्या तुम्हारे रब के लिए तो बेटियाँ हों और उनके अपने लिए बेटे?

Tafseer (तफ़सीर )

أَمْ
या
خَلَقْنَا
बनाया हमने
ٱلْمَلَٰٓئِكَةَ
फ़रिश्तों को
إِنَٰثًا
औरतें
وَهُمْ
जब कि वो
شَٰهِدُونَ
हाज़िर थे

Am khalaqna almalaikata inathan wahum shahidoona

क्या हमने फ़रिश्तों को औरतें बनाया और यह उनकी आँखों देखी बात हैं?'

Tafseer (तफ़सीर )