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وَءَايَةٌ
और एक निशानी है
لَّهُمْ
उनके लिए
أَنَّا
बेशक हम
حَمَلْنَا
सवार किया हमने
ذُرِّيَّتَهُمْ
उनकी औलाद को
فِى
कश्ती में
ٱلْفُلْكِ
कश्ती में
ٱلْمَشْحُونِ
भरी हुई

Waayatun lahum anna hamalna thurriyyatahum fee alfulki almashhooni

और एक निशानी उनके लिए यह है कि हमने उनके अनुवर्तियों को भरी हुई नौका में सवार किया

Tafseer (तफ़सीर )

وَخَلَقْنَا
और पैदा कीं हमने
لَهُم
उनके लिए
مِّن
उस जैसी (चीज़ों ) से
مِّثْلِهِۦ
उस जैसी (चीज़ों ) से
مَا
जिन पर
يَرْكَبُونَ
वो सवार होते हैं

Wakhalaqna lahum min mithlihi ma yarkaboona

और उनके लिए उसी के सदृश और भी ऐसी चीज़े पैदा की, जिनपर वे सवार होते है

Tafseer (तफ़सीर )

وَإِن
और अगर
نَّشَأْ
हम चाहें
نُغْرِقْهُمْ
हम ग़र्क़ कर दें उन्हें
فَلَا
तो नहीं
صَرِيخَ
कोई फ़रियाद रस
لَهُمْ
उनके लिए
وَلَا
और ना
هُمْ
वो
يُنقَذُونَ
वो बचाए जा सकेंगे

Wain nasha nughriqhum fala sareekha lahum wala hum yunqathoona

और यदि हम चाहें तो उन्हें डूबो दें। फिर न तो उनकी कोई चीख-पुकार हो और न उन्हें बचाया जा सके

Tafseer (तफ़सीर )

إِلَّا
सिवाए
رَحْمَةً
रहमत के
مِّنَّا
हमारी तरफ़ से
وَمَتَٰعًا
और फ़ायदा देना
إِلَىٰ
एक मुद्दत तक
حِينٍ
एक मुद्दत तक

Illa rahmatan minna wamata'an ila heenin

यह तो बस हमारी दयालुता और एक नियत समय तक की सुख-सामग्री है

Tafseer (तफ़सीर )

وَإِذَا
और जब
قِيلَ
कहा जाता है
لَهُمُ
उन्हें
ٱتَّقُوا۟
डरो
مَا
उससे जो
بَيْنَ
तुम्हारे सामने है
أَيْدِيكُمْ
तुम्हारे सामने है
وَمَا
और जो
خَلْفَكُمْ
तुम्हारे पीछे है
لَعَلَّكُمْ
ताकि तुम
تُرْحَمُونَ
तुम रहम किए जाओ

Waitha qeela lahumu ittaqoo ma bayna aydeekum wama khalfakum la'allakum turhamoona

और जब उनसे कहा जाता है कि उस चीज़ का डर रखो, जो तुम्हारे आगे है और जो तुम्हारे पीछे है, ताकि तुमपर दया कि जाए! (तो चुप्पी साझ लेते है)

Tafseer (तफ़सीर )

وَمَا
और नहीं
تَأْتِيهِم
आती उनके पास
مِّنْ
कोई निशानी
ءَايَةٍ
कोई निशानी
مِّنْ
निशानियों में से
ءَايَٰتِ
निशानियों में से
رَبِّهِمْ
उनके रब की
إِلَّا
मगर
كَانُوا۟
होते हैं वो
عَنْهَا
उससे
مُعْرِضِينَ
ऐराज़ करने वाले

Wama tateehim min ayatin min ayati rabbihim illa kanoo 'anha mu'rideena

उनके पास उनके रब की आयतों में से जो आयत भी आती है, वे उससे कतराते ही है

Tafseer (तफ़सीर )

وَإِذَا
और जब
قِيلَ
कहा जाता है
لَهُمْ
उन्हें
أَنفِقُوا۟
ख़र्च करो
مِمَّا
उसमें से जो
رَزَقَكُمُ
रिज़्क़ दिया तुम्हें
ٱللَّهُ
अल्लाह ने
قَالَ
कहते हैं
ٱلَّذِينَ
वो जिन्होंने
كَفَرُوا۟
कुफ़्र किया
لِلَّذِينَ
उनसे जो
ءَامَنُوٓا۟
ईमान लाए
أَنُطْعِمُ
क्या हम खिलाऐं
مَن
उसको जिसे
لَّوْ
अगर
يَشَآءُ
चाहता
ٱللَّهُ
अल्लाह
أَطْعَمَهُۥٓ
वो खिला देता उसे
إِنْ
नहीं
أَنتُمْ
तुम
إِلَّا
मगर
فِى
गुमराही में
ضَلَٰلٍ
गुमराही में
مُّبِينٍ
खुली-खुली

Waitha qeela lahum anfiqoo mimma razaqakumu Allahu qala allatheena kafaroo lillatheena amanoo anut'imu man law yashao Allahu at'amahu in antum illa fee dalalin mubeenin

और जब उनसे कहा जाता है कि 'अल्लाह ने जो कुछ रोज़ी तुम्हें दी है उनमें से ख़र्च करो।' तो जिन लोगों ने इनकार किया है, वे उन लोगों से, जो ईमान लाए है, कहते है, 'क्या हम उसको खाना खिलाएँ जिसे .दि अल्लाह चाहता तो स्वयं खिला देता? तुम तो बस खुली गुमराही में पड़े हो।'

Tafseer (तफ़सीर )

وَيَقُولُونَ
और वो कहते हैं
مَتَىٰ
कब होगा
هَٰذَا
ये
ٱلْوَعْدُ
वादा
إِن
अगर
كُنتُمْ
हो तुम
صَٰدِقِينَ
सच्चे

Wayaqooloona mata hatha alwa'du in kuntum sadiqeena

और वे कहते है कि 'यह वादा कब पूरा होगा, यदि तुम सच्चे हो?'

Tafseer (तफ़सीर )

مَا
नहीं
يَنظُرُونَ
वो इन्तिज़ार कर रहे
إِلَّا
मगर
صَيْحَةً
चिंघाड़ का
وَٰحِدَةً
एक ही
تَأْخُذُهُمْ
वो पकड़ लेगी उन्हें
وَهُمْ
जब कि वो
يَخِصِّمُونَ
वो झगड़ रहे होंगे

Ma yanthuroona illa sayhatan wahidatan takhuthuhum wahum yakhissimoona

वे तो बस एक प्रचंड चीत्कार की प्रतीक्षा में है, जो उन्हें आ पकड़ेगी, जबकि वे झगड़ते होंगे

Tafseer (तफ़सीर )

فَلَا
पस ना
يَسْتَطِيعُونَ
वो इस्तिताअत रखते होंगे
تَوْصِيَةً
वसीयत करने की
وَلَآ
और ना
إِلَىٰٓ
तरफ़ अपने घर वालों के
أَهْلِهِمْ
तरफ़ अपने घर वालों के
يَرْجِعُونَ
वो पलट सकेंगे

Fala yastatee'oona tawsiyatan wala ila ahlihim yarji'oona

फिर न तो वे कोई वसीयत कर पाएँगे और न अपने घरवालों की ओर लौट ही सकेंगे

Tafseer (तफ़सीर )